Easy Learn Sangya संज्ञा – Paribhasha, Bhed | Noun in Hindi in 2021

हैल्लो दोस्तों कैसे है आप सब आपका बहुत स्वागत है इस ब्लॉग पर। हमने इस आर्टिकल में Sangya (संज्ञा) Noun in Hindi डिटेल में पढ़ाया है जो कक्षा 5 से लेकर Higher Level के बच्चो के लिए लाभदायी होगा। आप इस ब्लॉग पर लिखे गए Sangya (संज्ञा) Noun in Hindi को अपने Exams या परीक्षा में इस्तेमाल कर सकते हैं


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ऊपर कुछ चित्र आप देख रहे हैं। क्या आप इन चित्रों को पहचानते हैं? आपने इन्हें देखा है और इनके नाम आप जानते हैं। इनमें शेर और शेरनी हैं, ताजमहल है, कुतुबमीनार है, महात्मा गांधी का चित्र, आकाश में ऊषा की लाली, आकाश की नीलिमा और वृक्षों की हरियाली भी दिखाई दे रही है। हम इन सब वस्तुओं, व्यक्तियों, इमारतों और हरियाली, नीलिमा आदि विशेषताओं को उनके नामों से जानते हैं।

संज्ञा किसे कहते है? (Sangya kise kahate hain)

नाम के द्वारा वस्तुओं, व्यक्तियों, पदार्थों, जीवधारियों, स्थितियों या विशेषताओं की पहचान कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं।

संज्ञा का अर्थ (Sangya Ka Arth)

‘संज्ञा’ शब्द ‘सम् + ‘ज्ञा’ से बना है, जिसका अर्थ है ज्ञान या परिचय कराने वाला। अर्थात् किसी वस्तु, व्यक्ति, पदार्थ या भाव-विशेषता का परिचय कराने वाला शब्द संज्ञा है। इसीलिए संज्ञा का दूसरा अर्थ ‘नाम’ भी है।

संज्ञा का महत्त्व

शब्दों की दुनिया में ‘संज्ञा का विशेष महत्त्व है। यदि शिक्षक विद्यार्थियों से पूछे कि इस कमरे में कोई भी एक ऐसी चीज़ बताओ जो संज्ञा न हो तो वे नहीं बता सकेंगे।

यदि हम कहें कि इस सारे संसार में कोई ऐसी चीज़ बताइए जो संज्ञा न हो तो बता पाना अंसभव है; क्योंकि वस्तुओं, व्यक्तियों, पदार्थों और जीवधारियों से भरे इस संसार में कोई भी ऐसी वस्तु या पदार्थ बता पाना संभव नहीं है जो संज्ञा न हो।

स्पष्ट है कि संज्ञाओं के बिना न हमारा काम चलने वाला है और न भाषा का ही। बच्चा जब सबसे पहले कोई पहचान करता है तो वह संज्ञाओं से ही करता है और फिर पहले-पहल बच्चा जो भी शब्द बोलता है, वह केवल संज्ञा शब्द होता हैं;

जैसे – माँ, पापा, खाना, चीज़, गुब्बारा, रोटी, दाल, मिठाई, बहन, भाई आदि। इन एक-एक शब्दों अथवा एक-दो शब्दों के द्वारा ही वह अपनी बात कहकर काम चला लेता है।

संज्ञा के भेद (sangya ke bhed)

जिन संज्ञाओं (नामों) को हम जानते हैं अथवा हमने उनके नाम सुने हैं, वे पहचान के हिसाब से तीन प्रकार की हैं, यानी संज्ञाओं के तीन भेद हैं :

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा
  2. जातिवाचक संज्ञा
  3. भाववाचक संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा (PROPER NOUN)

जो शब्द किसी विशेष व्यक्ति, विशेष वस्तु, विशेष स्थान अथवा प्राणी के नाम का बोध कराता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे – महात्मा गाधी, हिमालय, गंगा. कतबमीनार, ताजमहल, रमेश, शालिनी आदि। ये सभी शब्द किसा याक्त, पर्वत, नदी, इमारत अथवा व्यक्ति के नाम का बोध कराते हैं। अतएव ये सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं।

जातिवाचक संज्ञा (COMMON NOUN)

किसी प्राणी, व्यक्ति, पदार्थ, वस्तु अथवा समुदाय की पूरी जाति का बोध कराने वाले शब्दों को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे : हाथी, मनुष्य, पर्वत, नदी, रोटी, सेना, भीड़ आदि।

Note – जातिवाचक संज्ञा के अन्तर्गत द्रव्यवाचक और समूहवाचक संज्ञाएँ भी आ जाती हैं। द्रव्यवाचक संज्ञा को अंग्रेजी में METERIAL NOUN और समूहवाचक को COLLECTIVE NOUN कहते हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा (METERIAL NOUN)

किसी द्रव्य अथवा धातु का बोध कराने वाले शब्दों को द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे- सोना, लकड़ी, ताँबा, तेल, घी आदि।

समूहवाचक संज्ञा (COLLECTIVE NOUN)

किसी समूह या समुदाय के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे-सेना, कक्षा, झुण्ड,

भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)

किसी गुण, दशा, स्वभाव, भाव अथवा स्थिति के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे- सुन्दरता, विद्वता, बुढ़ापा, गरीबी आदि।

भाववाचक संज्ञा का जातिवाचक के रूप में प्रयोग

जब भाववाचक संज्ञा बहुवचन में प्रयुक्त होती है तो वह जातिवाचक संज्ञा बन जाती भावनाएँ, बुद्धियाँ आदि।

जातिवाचक संज्ञा का व्यक्तिवाचक संज्ञा में प्रयोग

जब जातिवाचक संज्ञा शब्द किसी विशिष्ट व्यक्ति, वस्तु अथवा पदार्थ के लिए प्रयुक्त होने लगा व्यक्तिवाचक संज्ञा बन जाता है।

जैसे :

  • गांधी के प्रति यह देश युगों तक आभारी रहेगा।
  • पण्डित जी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे।
  • पण्डित जी के बाद शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने।

सर्वनामों से

सर्वनामभाववाचक संज्ञा
अहंअहंकार
ममममत्व
निजनिजत्व
परायापरायापन
अपनाआप, अपनत्व
सर्वसर्वस्व

विशेषणों से

विशेषणभाववाचक संज्ञा
सुन्दरसुन्दरता
कुरूपकुरूपता
सरलसरलता
चोरचोरी
मीठामिठास
आलसीआलस्य

क्रियाओं से

क्रियाभाववाचक संज्ञा
चलनाचाल
पढ़नापढ़ाई
हँसनाहँसी
घबरानाघबराहट
रहना-सहनारहन-सहन

तो दोस्तों आपको यह Sangya (संज्ञा) Noun in Hindi पर यह article कैसा लगा। कमेंट करके जरूर बताये। अगर आपको इस निबंध में कोई गलती नजर आये या आप कुछ सलाह देना चाहे तो कमेंट करके बता सकते है।

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