Easy Learn Bismayadhi Bodhak विस्मयादिबोधक | Interjection in Hindi in 2021

हैल्लो दोस्तों कैसे है आप सब आपका बहुत स्वागत है इस ब्लॉग पर। हमने इस आर्टिकल में Bismayadhi Bodhak (विस्मयादिबोधक) Interjection in Hindi डिटेल में पढ़ाया है जो कक्षा 5 से लेकर Higher Level के बच्चो के लिए लाभदायी होगा। आप इस ब्लॉग पर लिखे गए Bismayadhi Bodhak (विस्मयादिबोधक) Interjection in Hindi को अपने Exams या परीक्षा में इस्तेमाल कर सकते हैं


Bismayadhi-Bodhak-Ke-Bhed

ऊपर के तीनों वाक्यों में ‘अहा’, ‘हाय’ और ‘छि:’ शब्द हर्ष, शोक, घृणा आदि भाव प्रगट कर रहे हैं। इन्हें हम विस्मयादिबोधक या द्योतक कहते हैं।

विस्मयादिबोधक Bismayadhi Bodhak Avyay Kise Kahte Hai

जो हर्ष, शोक, घृणा आदि भावों को प्रगट करें उन्हें विस्मयादिबोधक कहते हैं।

प्रकट होने वाले भाव के आधार पर द्योतक के भेद – Bismayadhi Bodhak Ke Bhed

  1. हर्ष बोधक – अहा! वाह ! वाह-वाह् ! शाबाश्! धन्य!
  2. शोक बोधक – हाय! आह! हाय-हाय ! हा! बाप रे! त्राहि-त्राहि!
  3. घृणा बोधक – छिः हटः छि:-छि: धत् ! धिक् !
  4. विस्मयादिबोधक – अरे! ओह! ओहो! अरे वाह !
  5. स्वीकृति बोधक – अच्छा ! हाँ-हाँ! ठीक जी हाँ!
  6. सम्बोधन बोधक – रे! अरे! अरी! री! ओ! अजी!
  7. आशीर्वाद बोधक – जीते रहो! चिरंजीव रहो! खुश रहो!
  8. भय बोधक – बाप रे बाप!

आवश्यक नियम

  • विस्मयादिबोधक शब्द अविकारी होते हैं।
  • ये वाक्य के आरम्भ में आते हैं।
  • इन शब्दों के बाद विस्मयादिबोधक चिह्न (!) लगता है। जैसे-हाय! ओह!

कभी – कभी संज्ञा, सर्वनाम विशेषण आदि शब्दों का भी विस्मयादिबोधक के रूप में प्रयोग होता है।
जैसे

संज्ञा – हरे-हरे! ऐसा भी होता है।
सर्वनाम – आप! आप यहाँ हैं।
विशेषण – पहला! पहला स्थान तुम्हारा नहीं हो सकता।


तो दोस्तों आपको यह Bismayadhi Bodhak (विस्मयादिबोधक) Interjection in Hindi पर यह article कैसा लगा। कमेंट करके जरूर बताये। अगर आपको इस निबंध में कोई गलती नजर आये या आप कुछ सलाह देना चाहे तो कमेंट करके बता सकते है।

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