Easy Learn Pad Parichay पद-परिचय – Paribhasha, Bhed in Hindi in 2021

हैल्लो दोस्तों कैसे है आप सब आपका बहुत स्वागत है इस ब्लॉग पर। हमने इस आर्टिकल में Pad Parichay in Hindi डिटेल में पढ़ाया है जो कक्षा 5 से लेकर Higher Level के बच्चो के लिए लाभदायी होगा। आप इस ब्लॉग पर लिखे गए Pad Parichay in Hindi को अपने Exams या परीक्षा में इस्तेमाल कर सकते हैं


पद क्या है? – Pad Parichay in Hindi

वाक्य में प्रयुक्त होने वाला शब्द पद कहलाता है। जैसे ‘मोहन नित्य टहलने जाता है’, वाक्य में प्रयुक्त ‘मोहन’, ‘नित्य’, ‘टहलने जाता है’ शब्द ‘पद’ कहलाते हैं;

क्योंकि जिस प्रकार कोई स्त्री अपने सामाजिक संबंधों में कहीं पत्नी है तो कहीं भाभी, कहीं बहन है तो कहीं चाची तथा कहीं बूआ है तो कहीं मामी; ठीक इसी प्रकार वाक्य के संबंधों के बीच कभी-कभी कोई शब्द परिमाणवाचक विशेषण है तो कभी वही शब्द परिमाणवाचक क्रिया विशेषण; कहीं कोई शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है तो कहीं वही शब्द जातिवाचक संज्ञा तथा कहीं कोई शब्द क्रियाविशेषण है तो वही शब्द कहीं संबंधबोधक! अतएव वाक्य के दूसरे शब्दों के बीच उसकी विशिष्ट स्थिति ही उसे ‘पद’ बनाती है।

पद-परिचय – Pad Parichay Kise Kahate Hain

वाक्य के बीच अपनी विशिष्ट स्थिति में पद जो भूमिका निभा रहा है उसका परिचय देना ‘पद-परिचय’ है।
जैसे – ‘मोहन जाता है’ वाक्य में ‘मोहन’ और ‘जाता है’-ये दो पद हैं। इनका परिचय निम्नलिखित रूप में देना होगा:

मोहन – व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिग, एकवचन, कर्ता कारक, इसकी क्रिया है-‘जाता है।

जाता है – अकर्मक क्रिया, वर्तमान काल, पुल्लिग, एकवचन, कर्ता-‘राम’।

हम पढ़ चुके हैं कि शब्द आठ प्रकार के होते हैं। अतएव इन आठों प्रकार के शब्दों के परिचय में हमें क्या-क्या बताना होगा, इसे जान लेना आवश्यक है:

पद के भेद – Pad Parichay Ke Bhed

हिन्दी में ‘पद’ के आठ भेद माने जाते हैं 

अब हम कुछ पदों का व्यवस्थित रूप में परिचय प्रस्तुत करेंगे:

  1. मैं कल कलकत्ता में उनको मिला था।
  2. जहाँ कल भयंकर वर्षा हुई थी वहाँ आज सूखा था।
  3. आगरा में ताजमहल बहुत सुंदर स्मारक है।

पद-परिचय

  • मैं कल कलकत्ता में उनको मिला था।
पदपरिचय
मैंसर्वनाम, पुरुषवाचक, उत्तम पुरुष,
पुल्लिग, एक-वचन कर्ता कारक, क्रिया का कर्ता।
कलकालवाचक क्रिया विशेषण,
विशेष्य है ‘मिला था’ क्रिया।
कलकत्ता मेंव्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिग, एकवचन अधिकरण कारक।
उनकोसर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्य पुरुष, पुल्लिग, एक वचन,
कर्म कारक, ‘मिला था’ क्रिया का कर्म।
मिला थाक्रिया सकर्मक, भूतकाल, पूर्णभूत, कर्तृवाच्य, कर्ता है-‘मैं’।
  • जहाँ कल भयंकर वर्षा हुई थी, वहाँ आज सूखा था। पद
पदपरिचय
जहाँस्थानवाचक क्रियाविशेषण, विशेष्य है
‘हुई थी’ क्रिया।
कलकालवाचक क्रियाविशेषण, विशेष्य है
‘हुई थी’ क्रिया।
भयंकरगुणवाचक विशेषण, विशेष्य है ‘वर्षा’,
स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक।
वर्षाजातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ताकारक
हुई थीक्रिया, अकर्मक, पूर्णभूत, कर्तृवाच्य।
वहाँस्थानवाचक क्रियाविशेषण, विशेष्य है-‘था’ क्रिया।
आजकालवाचक क्रियाविशेषण, विशेष्य है-‘ था’ क्रिया।
सूखाभाववाचक संज्ञा, पुल्लिग, एकवचन, कर्ता कारक।
थाअपूर्ण अकर्मक, कर्तृवाच्य, ‘सूखा’ कर्ता की क्रिया।
  • आगरा में ताजमहल बहुत सुंदर स्मारक है।
पदपरिचय
आगरा मेंव्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिग, एकवचन, अधिकरण कारक।
ताजमहलव्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिग, एकवचन, कर्ता कारक।
बहुतविशेषण (लिंग, वचन, कारक, स्मारक’ के अनुसार)।
सुंदरगुणवाचक विशेषण, पुल्लिग, एकवचन कर्मकारक।
स्मारकसंज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिग, एकवचन, कर्मकारक।
हैअपूर्ण क्रिया, पुल्लिग, एकवचन, वर्तमानकाल,
कर्तृवाच्य ‘ताजमहल’ कर्ता की क्रिया।

तो दोस्तों आपको यह Pad Parichay in Hindi पर यह article कैसा लगा। कमेंट करके जरूर बताये। अगर आपको इस आर्टिकल में कोई गलती नजर आये या आप कुछ सलाह देना चाहे तो कमेंट करके बता सकते है।

Leave a Comment